नीचे दो कथन दिए गए हैं।
कथन I : आस्थगित कर देयताएं (निवल) लेखा आय और करयोग्य आय के बीच अस्थायी अंतर पर कर राशि है। जब लेखा आय करयोग्य आय से अधिक होती है, यह उत्पन्न होती हैं।
कथन II : आस्थगित कर देयताएं (निवल) और आस्थगित कर सम्पत्तियाँ (निबल) पुस्तकीय प्रविष्टियां मात्र हैं अर्थात् वे न तो वास्तविक देयता हैं और न तो वास्तविक सम्पत्ति।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।
1
कथन I और II दोनों सहीं हैं।
2
कथन I और II दोनों गलत हैं।
3
कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
4
कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।