निम्नलिखित गद्यांश को पढ़े और प्रश्न का उपर्युक्त उत्तर दें:
प्रबंधन सिद्धांतों से संगठनों को ध्यानकेंद्रण, संप्रेषण व विकास में सहायता मिलती है। कार्यस्थल पर प्रबंधन सिद्धांत के प्रयोग से नेतृत्व अपने मुख्य लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर पाता है। जब कोई प्रबंधन शैली या सिद्धांत कार्यन्वित किया जाता है, तो वह स्वयं ही संगठन की शीर्ष प्राथमिकताओं को व्यवस्थित कर देता है। प्रबंधन सिद्धांत से हम अपने सहयोगियों से बेहतर संवाद कर पाते हैं जिससे पुनः हम अधिक सक्षमतापूर्वक काम कर पाते हैं। प्रबंधन सिद्धांत को समझने से प्रबंधन शैलियों और लक्ष्यों की मूल अवधारणाएँ बनाई जा सकती हैं और इससे किसी संगठन के अंदर होने वाली दैनिक बैठकों के दौरान समय बच सकता है। सिद्धांतों की अपनी सीमा होती है और प्रबंधन सिद्धांत कोई अपवाद नहीं हैं। "एक ही झोली में सभी समा जाएँ" जैसा कोई प्रबंधन सिद्धांत नहीं है। ऐसा संभव है कि जो एक संगठन के लिए कारगर हो वह दूसरे के लिए उपयुक्त न हो। इसलिए जब एक सिद्धांत किसी विशेष स्थिति में ठीक न बैठे, तो आवश्यक है कि नए सिद्धांत के विकल्प को तलाशा जाए जो नई व अधिक प्रयोज्य दिशा में ले जाए। जब कि कुछ सिद्धांत समय की कसौटी पर खरे उतर सकते हैं, अन्य सिद्धांतों के अप्रासंगिक हो जाने की संभावना है और उनके स्थान पर नए सिद्धांत विकसित होंगे।
18वीं सदी के अंत के वर्षों से 20वीं सदी के प्रारंभ के वर्षों तक औद्योगिक क्रांति कार्यस्थल में असाधारण परिवर्तन लेकर आई और हमेशा के लिए उसने कंपनियों की कार्यप्रणाली को रूपांतरित कर दिया। औद्योगिक क्रांति के साथ बेहतर और तीव्रतर टेक्नोलॉजी आई जिससे कंपनियाँ पहले किसी भी समय से अधिक सक्षमतापूर्वक कार्य का निष्पादन करने लगीं और उनकी उत्पादन क्षमता में अत्यधिक वृद्धि हुई। माँग की आपूर्ति करने के लिए कंपनी नेतृत्व को सुनिश्चित करना पड़ा कि कर्मचारी उत्पादक हों।