Comprehension Passage
देश के भीतर का व्यापार भी खूब चल रहा था भारवाहक पशुओं पर व्यापारिक सामान लदे हुए व्यापारियों का कारवाँ एक स्थान से दूसरे स्थान और एक मेले से दूसरे मेले घूमा चलता था। नमक उस समय के व्यापार की एक महत्वपूर्ण वस्तु थी और नमक व्यापारी बैलगाड़ी पर, जिनमें संकट काल के लिए अतिरिक्त पहिए रखे रहते थे, अपने परिवार को लादे हुए नमक का व्यापार करते घूमते चलते थे। सभी व्यापारिक आदान - प्रदान मुख्यतः वस्तुओं की अदला - बदली से होता था; उदाहरण के लिए शहद और पेड़ों के मूल की अदला - बदली मछली के तेल और ताड़ी से होती थे तथा गन्ने और अवल (चावल की पापडी) की हिरण के मांस से मुशिरी में मछली धान के बदले दी जाती थी। कृषि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार थी और इस संबंध में अधिकांश कार्य महिलाएँ और सबसे नीचे वर्ग के लोग (कड़इशियार) जिनकी स्थिति दासों से कुछ भिन्न होती थी, किया करते थे। अधिकांश भूमि के स्वामी बेल्लालर थे जो उत्तम कोटि के खेतिहर थे और उन्हें समाज में ऊँचा स्थान प्राप्त था। उनमें से धनवान खुद जमीन न जोतते थे बल्कि उसके लिए मजदूर रखते थे। भूमि के स्वामित्व के अलावा वे लोग गैर सैनिक प्रशासन में कुछ सरकारी पद भी धारण करते थे।

संगम काल के दौरान निम्नलिखित में से किस अधिकारी को एक औपचारिक समारोह में "इनादी" उपाधि से सम्मानित किया जाता था

1
चयनित सैन्य कमांडर को
2
युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को 
3
शाही दरबार के द्वारपालों को
4
समृद्ध व्यापारी समूहों को

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