Comprehension Passage
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हालाँकि सावरकर 1906 में खुद लंदन चले गए, लेकिन उनका संगठन भारत में फलता-फूलता रहा। इसने क्रांतिकारी गतिविधियों को गंभीरता से लिया और पूरे महाराष्ट्र में अपनी शाखाएँ फैलाने की कोशिश की। इसने आज़ादी का संदेश दिया और आज़ादी के गीत और गाथाएँ गाईं, जिसका नारा था "विदेशियों के जुए से भारत को आज़ाद करो".... उस समय पूरे प्रांत में गुप्त समाजों का एक नेटवर्क था। कई कॉलेजों और उच्च शिक्षा संस्थानों में कम से कम एक गुप्त समाज था... समाज की गतिविधियों में जहाँ भी और जब भी संभव हो हथियारों और विस्फोटकों का संग्रह और प्रशिक्षण शामिल था। 1906 में जब सावरकर लंदन में बस गए, तो उन्होंने वहाँ से हथियार गुप्त रूप से भेजे।
गद्यांश में उल्लिखित सोसायटी के किस सदस्य को रूसी क्रांतिकारियों से बम बनाने की कला सीखने के लिए पेरिस भेजा गया था?
1
पी.एन. बापट
2
सचिन्द्र सान्याल
3
अम्बा प्रसाद
4
राम चन्द्र