Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) General Knowledge Medieval History Triparty Struggle Prathiharas Rashtrakutas Imperial Cholas
Comprehension Passage
नीचे दिए गद्यांश को पढ़िए एवं प्रश्न संख्या के उत्तर दीजिए:
दशकों तक पल्लव-चालुक्य संघर्ष चलता रहा, केवल बीच-बीच में युद्ध विराम का काल आया । पल्लवों का संघर्ष दक्षिण में पाण्ड्यों से और उत्तर में राष्ट्रकूटों से भी हुआ । 9वीं शताब्दी की शरुआत में ही, पल्लवशासक दंतीवर्मन के काल में राष्ट्रकूट शासक गोविंद-III ने कांची पर आक्रमण कर दिया । दंतीवर्मन के पुत्र नंदीवर्मन-III ने पाण्ड्यों को हराने में सफलता पाई । साम्राज्यवादी पल्लव शासकों में, अपराजित अंतिम सम्राट था। पश्चिमी गेंग और चोलों की सहायता से उसने श्रीपुरमबियम के युद्ध में पाण्ड्यों को पराजित किया । 893 सा. सं. में चोल शासक आदित्य-I के द्वारा पल्लवों का अंत हो गया, जिसके पश्चात तोण्डईमंडलम् का नियंत्रण चोलों के हाथों में हस्तांरित हो गया ।
निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रकूट शासक नहीं था?
1
गोविंद तृतीय
2
कृष्ण प्रथम
3
शक्तिवर्मन
4
नृपतुंग