निम्नलिखित में से कौन-सा गलत है?
1
लेखन के दैनंदिन कार्य बन जाने के बहुत दिनों बाद तक मौखिक परम्परा के प्रति मोह बना रहा।
2
भर्तूहरि ने घोषणा की थी कि ‘समझ के पास वाक् रूप होता है …. वाक् प्रकटीत जागरूकता सभी प्रकार के ज्ञान की नींव हैं’।
3
इस प्रकार भारतियों ने ‘कंठस्थ’ की अपेक्षा ‘ग्रंथस्थ’ को वरीयता दी।
4
नौवीं शताब्दी के लातिनी वैयाकरणों का विचार आदर्शक भारतीय विचारों से बिल्कूल अलगा था। इसलिए यूरोप में विद्वान व्यकति वह था जो ‘लिटरेटस’ अर्थात् पढ़ा-लिखा (लेटर्ड मैन) होता था।