निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
कार्यस्थल पर कर्मचारी व पर्यवेक्षक या सहकर्मियों के मध्य विचारों में सहमति के सापेक्ष, उनमें भिन्नता के फलस्वरूप उनमें प्रेक्षित संप्रेषण अधिक कठिन हो जाता है। जब कर्मचारी किसी समस्या या किसी नकारात्मक स्थिति के समाधान को ढूँढने के लिए उन्हें नियोक्ता या सहकर्मियों को संप्रेषित करने की इच्छा रखते हैं तो ऐसी स्थिति के लिए लौरा केरोल ने कर्मचारियों के उपयोग हेतु संभव उपायों की एक श्रंखला प्रस्तुत की है। इसमें निहित एक केन्द्रवर्ती विचार यह भी है कि ऐसी चिंतन प्रक्रिया सृजिहत की जाए जो इस सोच को बढ़ावा दे कि समस्या क्या है तथा इसका सबसे अच्छा हल क्या है। उन्होंने सुझाया है कि कर्मचारी दूसरों की दृष्टि से समस्या को देखें एवं समझे और यह सुनिश्चित करें कि परिस्थिति की वास्तविकता दोनों ही दृष्टि से सही है। यदि ऐसा हो सकता है तो एक ऐसे स्तर का होना पाया जा सकता है जिसमें किसी की प्रतिक्रिया के बारें में कोई निर्णयपरक टिप्पणी न देकर समस्याओं के समाधान को बिना किसी की भावनाओं को आहत किए एवं संदेह की गुंजाइश दिए बिना उभारा जा सकता है। संप्रेषण की प्रक्रिया का यही प्रयोजन होता है: अपने स्वयं के प्रति सम्मान, अपने विचारों के प्रति तथा दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान।
भिन्नताओं के प्रतिबल के फलस्वरूप तदुनभूति का विलोप हो जाना सरलतम है। ऐसी दशा में निर्णयपरक टिप्पणियां केन्द्रवर्ती रूप ले लेती है। कोई भी क्लिष्ट वार्तालाप तीन घटकों से मिलकर बनते हैं जो एक ही समय में क्रियाशील होते हैं। प्रथम यह है कि 'क्या हुआ' ऐसा वार्तालाप जिसमें आपबीती का वर्णन करते हैं तथा दूसरे अपनी आपबीती को अभिरक्षित करते हैं बजाए इसके कि वे एक दूसरे की आपबीती का गहन रूप से अर्थ निकाले तथा उनके अवदान को रेखांकित करें। द्वितीय, 'भावना प्रधान वार्तालाप प्राय: गैर व्यवसायिक माना जाता है तथा यह कार्यस्थलों में निरूत्साहित किया जाता है। इसमें संवेग हमेशा विद्यमान होते हैं एवं सामान्यतः: पाये जाते हैं तथा वे एक ऐसा आधार प्रदान करते हैं जो द्वन्दव की प्रकृति को स्पष्ट करते हैं। अंत में, 'पहचान परक वार्तालाप' जिसमें अन्तर्भावित लोग ऐसा महसूस करते हैं कि उनकी पहचान को एक संकट है। सामाजिक प्रवीणता वाले नेता इन तीनों ही प्रकार के वार्तालापों की छानबीन करते हैं तथा उन्हें एक अधिगमपरक वार्तालाप की श्रेणी में रूपांतरित कर सकते हैं।
किसी नकारात्मक स्थिति में संप्रेषण करने के लिए निम्नलिखित में से कौन से उपायों की आवश्यकता होती है?
a) समझदारी को बढ़ावा देने के लिए चिंतन प्रक्रिया का सृजन
b) लोगों को दूसरे के दृष्टिकोण से समस्या को देखने योग्य बनाना
c) जोर से और सुस्पष्ट बोलना
d) दोनों दलों के लिए अनिर्णयपरक कार्य क्षेत्र का सृजन करना
e) आग्राहक की भाषा को समझना