दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason R) के रुप में।
अभिकथन A : शैव सिद्धांत पर आधारित तिरुमंदिरम् नामक रचना के लेखक तिरुमलर का मत है कि आत्मा पदार्थ से कम नहीं होती, इसे यथार्थ के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए क्योंकि किसी एक को दूसरे से पृथक मानना असंभव है।
कारण R : प्रेम एवं शिवम अनुभव की भिन्न श्रेणियाँ नहीं हैं। प्रेम शिवम् में परिणत होता है और उस आनन्दमय स्थिति में विश्रांति प्राप्त करता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।
1
A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है।
2
A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
3
A सत्य है लेकिन R असत्य है।
4
A असत्य है लेकिन R सत्य है।