Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) Educational Studies Indian schools of philosophy Indian Philosophy and Education
"हम प्रगति, विकास और अनुभूति चाहते हैं। कोई भी सिद्धांत मनुष्य को उच्चतर नहीं बना पाया है। कितनी भी पुस्तकें पढ लेने से हम और अधिक पवित्र नहीं बन सकते। एक मात्र शक्ति अनुभूति में होती है और वह स्वयं हममें निहित है और चिंतन से प्राप्त होती है। मनुष्य को चिंतन करने दो!" यह किसका कथन है?
1
जे. कृष्णामूर्ति
2
रबिन्द्रनाथ टैगोर
3
महात्मा गाँधी
4
स्वामी विवेकानंद