Comprehension Passage

गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

इस तथ्य के बावजूद कि भारत में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम संरचनात्मक समायोजन की प्रतिक्रियाएँ नहीं बल्कि उनका अपना एक लंबा इतिहास है। भारत में सामाजिक व्यय पर बजट में की जाने वाली कटौतीयों से विशेष रूप से प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है। सामाजिक क्षेत्र सरकारी व्यय का एक प्रमुख क्षेत्र है, जिसमें गरीबी कम करने के लिए हस्तक्षेप, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण समाज सहायता और समाज कल्याण सम्मिलित है। सरकार के अधिकांश विभाग किसी न किसी रूप में इस विस्तृत मद के तहत खर्च करने के लिए उत्तरदायी होते हैं।

यह क्षेत्र अति विभाज्य है, जिसके चलते वास्तविक व्यय में वृद्धिपरक एवं खंडशः कमियाँ लाने की सुविधा प्राप्त होती है। इसका राजनीतिक घटक कमजोर है और इसमें तकनीकी विशेषज्ञ लोगों का बोलबाला है। एतिहासिक रूप से राज्य हस्तक्षेपवाद की आलोचना करते रहने वाले अधिकांश मूल्यांकनात्मक शोध से इसे और अधिक निर्बल कर दिया है। ऐसे कृत्यों का मूल लक्ष्यों से हटके अन्य रूपों में प्रयोग हो रहा है - इस क्षेत्र को सुधारने के लिए नहीं बल्कि इसके प्रमुख घटकों को पूर्णतया समाप्त करने के तर्क के रूप में वैसे 1991 से सामाजिक क्षेत्र पर व्यय में उतनी कमी नहीं आई है।जितनी प्रत्याशित थी इसकी विभागीय व्याप्ति के बावजूद या उसके कारण यह सकल राष्ट्रीय उत्पाद का बहुत ही छोटा हिस्सा है, इतना छोटा कि इसमें कटौती करना संभव न हो : 2.4 प्रतिशत जबकि मलेशिया में यह 6.5 प्रतिशत है, बोट्स्वाना में 12.2 प्रतिशत और OECD देशों में 15 - 25 प्रतिशत यद्यपि सामाजिक क्षेत्र पर व्यय में कई प्रकार के दोष हैं - स्थानीय विषमताएँ, व्यय के स्तरों में परस्पर - विरोधी सामयिक प्रवृत्तियाँ और कल्याण के हर घटक में विशिष्ट संयोजनों और ढांचों का होना - तथापि कटौतियों का व्यापक विरोध हुआ है और कुछ भारतीय राज्यों ने सामाजिक व्यय को सुरक्षित रखने के लिए अपने चालू ॠण में वृद्धि की है सौभाग्यवश और अनिवार्यतः ऐसा आनुमानिक वाङ्मय है जो, कभी - कभी दूसरे स्थानों से उदाहरण लेते हुए, सामाजिक व्यय में कटौतियों के संभावित परिणामों की भविष्यवाणी करता है किंतु लाए गए सुधारों का समाज कल्याण पर वास्तविक प्रभाव के प्रमाण के रूप में इन्हें लेना बड़ी जल्दबाजी होगी समाज कल्याण का रूपांतरण कई दशकों की दीर्घावधि योजना है। 

भारत में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम किस समस्या का सामना करते हैं?

1
प्रत्यक्ष कार्यान्वयन
2
परोक्ष कार्यान्वयन
3
सरकार का अधिक हस्तक्षेप
4
संरचनात्मक पुनर्व्यवस्था

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation