Comprehension Passage

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दें:

भावात्मक श्रम की अवधारणा सेवा क्षेत्र के रोजगारों के अध्यायन से उभरी है किन्तु भावात्मक श्रम लगभग प्रत्येक रोजगार के लिए प्रासंगिक है।  आपका प्रबंधक आप से कम से कम यह अपेक्षा रखता है कि आप अपने सहकर्मियों के साथ शिष्ट व्यवहार करें और विद्वेषपूर्ण व्यवहार न करें।  सच्ची चुनौती तब उत्पन्न होती है जब कर्मचारियों को किसी भावना को प्रदर्शित करना पड़ता है जबकि वे कोई दूसरी भावना महसूस कर रहे होते हैं। यह विसंगति भावनात्मक विसंगति कहलाती है और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। कुंठा, क्रोध और रोष की चरम भावना से अंततः भावनात्मक थकान होती है और व्यक्ति भावनात्मक रूप से टूट जाता है। भावनात्मक विसंगति संज्ञानात्मक विसंगति के समान है, सिवाय इसके कि भावनात्मक विसंगति चिंतन के बजाय भावनाओं से संबंधित होती है। प्रभावी कार्य निष्पादन के एक प्रमुख घटक के रूप में भावनात्मक श्रम में भावनाओं की प्रासंगिकता को समझा जाता है।भावनात्मक श्रम कर्मचारियों के लिए दुविधा उत्पन्न करता है। आपको ऐसे लोगों के साथ काम करना पड़ता है जिन्हें आप बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं। हो सकता है, आप उनके व्यक्तित्व को अपघर्षी मानते हों। हो सकता है कि आप यह जानते हों कि उन्होंने आपके पीठ पीछे आपके बारे में नकारात्मक बातें कही हैं। इसके बावजूद, अपने रोजगार की खातिर आपको इन लोगों के साथ नियमित आधार पर अंत:क्रिया करनी पड़ती है। इसलिए आपको मैत्रीभाव का दिखावा करना पड़ता है। विशेषकर, यदि आप भावनाओं को अनुभूत भावनाओं या प्रदर्शित भावनाओं में अलग-अलग कर सकें तो इससे आपको अपने रोजगार में सहायता मिल सकता है। अनुभूत भावनाएं व्यक्ति की वास्तविक भावनाएं होती हैं। इसके विपरीत, प्रदर्शित भावनाएं वे होती हैं जिन्हें कोई संगठन किसी कार्य विशेष के लिए कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शित किए जाने की अपेक्षा रखता है और उन्हें उचित मानता है। वे अंतर्निहित भावनाएं नहीं होती हैं; वे सीखी गई भावनाएं होती हैं। इसी प्रकार हम में से अधिकांश लोग जानते हैं कि हमसे किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में दुःख प्रदर्शित करने की अपेक्षा की जाती है, भले ही हम उस व्यक्ति की मृत्यु को एक क्षति मानें या न मानें तथा शादी-समारोह में प्रसन्न दिखने की अपेक्षा की जाती है, भले ही हम प्रसन्नता महसूस करें या न करें। शोध यह दर्शाते हैं कि कार्य स्थलों पर यह अपेक्षा की जाती है कि हमें सामान्यतः प्रसन्नता और उत्साह जैसे सकारात्मक भावों को प्रदर्शित करना चाहिए तथा भय, क्रोध, क्षोभ और अवमान जैसे नकारात्मक भावों को दमित करना चाहिए। 

कार्य स्थल पर किसी व्यक्ति को निम्नलिखित में से कौन सी भावनाओं का दिखावा करना चाहिए?

A. भय

B. उत्साह

C. अवमान

D. प्रसन्नता

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

1
केवल A और B
2
केवल B और C
3
केवल C और D
4
केवल B और D

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