नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I) : न्याय- शास्त्र की अद्भुत विशेषता 'उदाहरण' है और वह इस सत्य को सोदाहरण स्पष्ट करता है कि सार्वभौमिक मुख्य आधार वाक्य वास्तविक आगमन का परिणाम है।
कथन (II) : अनुमान की नैय्यायिक अवधारणा में 'आगमन' कार्य-कारण भाव के नियमों पर आधारित है और आगमन और निगमन को सही मायनों में अलग नहीं किया जा सकता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
कथन I और II दोनों सत्य हैं।
2
कथन (I) और (II) दोनों असत्य हैं।
3
कथन (I) सत्य है, लेकिन कथन (II) असत्य है।
4
कथन (I) असत्य है, लेकिन कथन (II) सत्य है।