निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
मैरी क्यूरी पोलेंड में जन्मी एक भौतिकविद और रसायनविद् थीं और अपने समय की सर्वाधिक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थीं। अपने पति पियरे के साथ मिलकर उन्होंने रेडियम का आविष्कार किया, जिसका प्रयोग व्यापक स्तर पर कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है और उसने यूरेनियम और अन्य रेडियोधर्मी तत्वों का अध्ययन किया। पियरे और मैरी के सौहार्दपूर्ण गठजोड़ ने बाद में परमाणु (एटम) की खोज में सहयोग किया। अपने पति पियरे के साथ, इन्हें वर्ष 1903 में भौतिकी में नोबल पुरस्कार प्रदान किया गया।
मैरी का जन्म वॉरसा, पोलेंड में दिनांक 7 नवंबर 1867 को हुआ था, जो एक भौतिकी अध्यापक की पुत्री थीं। अपनी आरंभिक आयु में उन्होंने उत्कृष्ट मस्तिष्क और तीव्र व्यक्तित्व का प्रदर्शन किया। सीखने के प्रति उनकी विशिष्ट इच्छा ने उन्हें हाइस्कूल के बाद आगे अध्ययन जारी रखने के लिए प्रेरित किया। यद्यपि जब उन्हें पता चला कि वॉरसा में विश्वविद्यालय महिलाओं के लिए बंद हो गई है तो उन्हें अत्यंत निराशा हुई।
उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए दृढ़संकल्पित होने के कारण उन्होंने पोलेंड को छोड़ दिया और वर्ष 1891 में फ्रेंच विश्वविद्यालय सोरबोन में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने अपनी मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की और भौतिकी में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की।
मैरी बहुत खुशकिस्मत थी कि उसे सोरबोन में, उस समय के कुछ महान वैज्ञानिकों के साथ कार्य करने का मौका मिला, जिनमें से एक पियरे क्यूरी थे। मैरी और पियरे का विवाह 1895 में हुआ था और उन्होंने भौतिकी प्रयोगशाला में मिलकर अनेक सृजनात्मक वर्षों के लिए कार्य किया। रेडियम के आविष्कार के कुछ समय पश्चात ही, वर्ष 1906 में एक घोड़ा गाड़ी द्वारा उनकी मृत्यु हो गई। मैरी इस दुखद घटना के कारण स्तब्ध हो गईं और हृदय विदारक शोक में डूब गई। इस उदासी में, उन्होंने अपने निकट सम्बन्ध और वैज्ञानिक अनुसंधानों में साझा किये गये हर्ष के समय को याद किया। अपनी दो बेटियों को बड़ा करने के उत्तरदायित्व ने उसके तनाव को अत्यधिक बढ़ा दिया था।
अन्ततः क्यूरी की विषाद की स्थिति उस समय धूमिल हो गई जब उन्हें सोरबोन में भौतिकी के प्रोफेसर के रूप में अपने पति का स्थान लेने को कहा गया। वह पहली महिला थीं, जिन्हें विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय में प्रोफेसरशिप प्रदान की गई थी। उन्होंने वर्ष 1911 में रेडियम पार्थक्य के लिए रसायन शास्त्र में दूसरा नोबल पुरस्कार प्राप्त किया। क्यूरी की सबसे बड़ी बेटी आइरीन खुद एक वैज्ञानिक थीं और रसायन शास्त्र में नोबल पुरस्कार विजेता थीं।
हालांकि, अन्तत: मैरी क्यूरी को रेडियम के दीर्घकालिक उद्भासन के कारण घातक रोग हो गया, लेकिन उनका अपने कार्य के प्रति कभी मोहभंग नहीं हुआ। परिणामों की परवाह किये बिना उन्होंने स्वयं को विज्ञान और भौतिक संसार के रहस्यों को उजागर करने के प्रति समर्पित किया था।