निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
भारत में 'नव मध्य वर्ग' उपरिमुखी रूप से गतिशील अधिकांशतः अंग्रेजी भाषा में शिक्षित है और व्यावसायिक तकनीकी और/अथवा प्रबंधकीय जीवनवृत्तियों (कैरियर) में कार्यरत है। यह उपभोग के वैश्विक नेटवर्क से जुड़ा हुआ; वैश्विक स्तर के ब्रांड का उपभोग करने वाला और दृश्यमान उपभोग की जीवनशैली की महात्वाकांक्षा रखने वाला है। इस वर्ग की पहचान वैश्विक वस्तु श्रृंखलाओं में इसकी भागीदारी द्वारा परिभाषित होती है। बाजार मध्य वर्ग की पहचान का पहचान निर्माण, अभिव्यक्ति और महात्वाकांक्षा के एक स्थल के रूप में परिभाषित करता है। नव मध्य वर्ग के भीतर भी उल्लेखनीय अनेक स्तर विद्यमान है। उच्चतम स्तर मध्य से उच्च स्तर के सफेदपोश (व्हाइट कालर) कार्पोरेट प्रबंधकों द्वारा अधिकृत है जो कि सक्रिय ढंग से पारदेशीय पूँजीवाद में शामिल होते है। संभ्रांत वर्ग के विविध समूहों को जो जोड़ता है वह बाजार के चमत्कार में वर्णित राष्ट्र - राज्य की एक सर्वसामान्य दृष्टि है। भारत की आर्थिक वृद्धि और विकास के केन्द्र के रूप में बाजार की व्याख्या नीति-निर्माण और क्रियान्वयन के विविध विचार-विमर्शो हेतु अतिमहत्वपूर्ण अवलंब है। भारत में मध्य - वर्ग भारत के अभिजात का एक खण्ड है वे भारत की उपभोक्ता संस्कृति में शामिल होते है। यह संस्कृति तीव्र सुधारों से और बहुत से संबंधित शहरी केंद्रों के उदय से समर्थित है। इसमें संबंधन उपभोग और जीवनशैली की कहानी में पुर्नसृजित (रिक्राफ्टेड) हैं। यहाँ उपभोग विकास और आधुनिकीकरण के समान माना जाता है।