निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्न के उत्तर दीजिए-
सरकार, विकास में संवर्धन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीति का निर्माण कर सकती है, जिसमें उन सार्वजनिक वस्तुओं को प्रदान किया जाए, जो आर्थिक संवृद्धि और समृद्धता में योगदान करते हैं। एक ऐसी सार्वजनिक वस्तु आर्थिक अवसंरचना है, जिसमें सड़कें, रेलमार्ग, हवाई अड्डे, जनोपयोगी संस्थाएँ, बंदरगाह और अनेक वस्तुओं जैसी भौतिक संरचनाएँ सम्मिलित हैं, जो व्यापार एवं आदान-प्रदान की अनुमति देने के लिए आवश्यक हैं और वित्तीय एवं मौद्रिक प्रणालियों के रूप में इस प्रकार की संस्थाएँ, जो लोगों को आसानी से भुगतान एवं निवेश की अनुमति देते हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, शिक्षा, शहरी नियोजन संबंधी सामाजिक अवसंरचनाएँ भी नागरिकों को एक लाभदायक तरीके से आर्थिक गतिविधि पर उनके प्रयास केन्द्रित करने की अनुमति देकर संवृद्धि और विकास को प्रोत्साहित कर सकती है।
इसके विपरीत, यदि सरकार सड़कों एवं विद्यालयों का निर्माण तथा रखरखाव नहीं करती है, सामान्य बैंकिंग प्रचालनों में बाधा डालती है. कीमतों को नियंत्रण के बाहर जाने देती है, और बीमारियों एवं सामाजिक समस्याओं पर नियंत्रण करने में विफल रहती हैं तो यह कल्पना करना कठिन है कि अर्थव्यवस्था कैसे विकसित हो सकती है। आखिरकार आर्थिक संवृद्धि में किसानों से लेकर फैक्टरी मालिकों तक प्रत्येक की उनके उत्पादन सामर्थ्य में सुधार लाने में निवेश की आवश्यकता है और यदि सम्पत्ति के अधिकार सुरक्षित नहीं हैं तो उपरोक्त प्रकार के सुधार किए जाने की संभावना नहीं है। रक्षित सम्पत्ति अधिकार, जिन्हें विकसित देशों में लोग मान कर चलते हैं, जिसका अर्थ यह है कि एक सम्पत्ति - मालिक आश्वस्त हो सकता है कि उसकी भौतिक वस्तुएं मनमाने ढंग से जब्त नहीं की जाएंगी। निजी सम्पत्ति की रक्षा के प्रति वचनबद्धता आवश्यक रूप से कोई ऐसी बात नहीं है, जो केवल धनवान को लाभ पहुँचाती है, जबकि अधिकांशतया गरीब समाजों में सम्पत्ति के प्रमुख मालिक किसान होते हैं।