निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए
बहुत से बड़े अविष्कारों को प्रारंभ में अविश्वास और उपहास का सामना करना पड़ता है। हवाई जहाज का अविष्कार भी अपवाद नहीं था । यद्यपि बहुत से व्यक्तियों ने जब 17 दिसंबर 1903 की पहली शक्तियुक्त उड़ान के बारे में सुना तो वे उत्तेजित और प्रभावित हुए परन्तु कइयों ने हंसी के ठहाकों से प्रतिक्रिया दी। वायुयान की उड़ान का विचार कुछ व्यक्तियों को प्रतीकार्थी था, ऐसे व्यक्तियों ने पहली उड़ान मशीन के अविष्कारकों, विल्बर और आरविल राइट को आवेगी मुर्ख करार दिया, परन्तु नकारात्मक प्रतिक्रियाएं राइट्स को रोक नहीं सकीं। अपनी अभिलाषा को सफल करने की प्रबल इच्छा से उन्होंने विमानन के प्रयोगों को जारी रखा।
विल्बर और आरविल राइट की हमेशा से विमान विज्ञान और यंत्र विज्ञान में सम्मोहक रुचि थी। जब वे छोटे लड़के थे तो वे पतंगे और यांत्रिक खिलौने बनाकर व उन्हें बेचकर धन अर्जित करते थे। बाद में, उन्होंने समाचार पत्र को मोड़ने वाली मशीन की रूपरेखा बनाई, मुद्रण प्रेस का निर्माण किया और बाइसाईकल मरम्मत की दुकान को परिचालित किया। 1896 में, जब उन्होंने आट्टो लिलंथल की मृत्यु के बारे में पढ़ा तो राइट बंधुओं की उड़ान में जबरदस्त रूचि हो गई। लिलंथल हैंग ग्लाइडिंग के आदि पथ प्रदर्शक ने अपने शरीर को वांछनीय दिशा में स्थानांतरित करके ग्लाइडर्स को नियंत्रित किया था। यद्यपि यह विचार राइट बंधुओं के लिए विकर्षक था, उन्होंने विमान-वाहित वाहनों के संतुलन को नियंत्रण के लिए अधिक कार्यक्षम विधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। 1900 और 1901 में, राइट्स ने असंख्य ग्लाइडर्स (विसर्पण) का परीक्षण किया और नियंत्रण तकनीकों को विकसित किया। ग्लाइडर्स को पर्याप्त उत्थापन क्षमता प्रदान करने की असमर्थता ने भाइयों को लगभग अपनी कोशिशों को छोड़ने की ओर अग्रसर कर दिया था।
अधिक अध्ययन के बाद राइट बंधु ने निष्कर्ष निकाला कि वक्र पृष्ठों पर वायु दबाव की प्रकाशित तालिकाएं निश्चित तौर पर गलत होगी। उन्होंने एक वायु की सुरंग को स्थापित किया और प्रतिमान पंखों में प्रयोगों की एक श्रृंखला प्रारंभ की। उनके प्रयासों के कारण समय के साथ पुरानी तालिकाएं निरस्त की गई तथा उनके स्थान पर वक्र पृष्ठों पर वायु दबाव के लिए पहले विश्वसनीय आंकड़े लिखे गए। इस कार्य के फल स्वरुप राइट्स बंधुओं द्वारा ऐसी मशीन का अभिकल्प तैयार करना संभव हुआ जो उड़ सकती थी। 1903 में राइट भाइयों ने पहला वायुयान बनाया जिसकी लागत 1000 डॉलर से कम था। उन्होंने अपने स्वयं के स्रोत वाले नोदन - एक हल्के भार वाले गैसोलीन इंजन का प्रतिरूप भी तैयार किया और निर्मित किया। जब उन्होंने दिसंबर 17 को इंजन प्रारंभ किया तो उड़ान से पहले वायुयान में बेतहाशा कम्पन हुआ। फिर भी वायुयान 12 सेकंड तक ऊपर प्लवमान रहा और 120 फुट उड़ा।
1905 तक राइट्स ने पहले वायुयान को इतना दक्ष कर लिया था कि वह एक समय में मुड़ना, घूमना व आधे घंटे तक हवा में रह सकता था। दूसरों ने गुब्बारों और हैंग ग्लाइडर्स में उड़ान भरी थी, परंतु राइट बंधु पहले थे जिन्होंने पूर्ण आकार की मशीन बनाई थी जो कि अपनी शक्ति से उड़ सकती थी । इतिहास में अत्यधिक विशिष्ट अभियांत्रिक उपलब्धियों में योगदान देने के कारण राइट बंधुओं को वायुयान चालन का जनक कहा जाना सर्वाधिक उपयुक्त है।