Comprehension Passage

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए।

कटु विरोध और वैमनस्य के इसी वातावरण में गोखले ने प्राथमिक शिक्षा विधेयक को वर्ष 1910 में प्रस्तुत किया। उन्होंने इसे 'उस यात्रा के पहले चरण का एक छोटा विनम्र प्रयास बताया जो लंबी और कठिन ही होगी, परंतु यदि जनता को वर्तमान स्थिति से उबरना है, तो इस यात्रा को तय करना ही होगा।

गोखले ने तर्क दिया निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा किये जाने वाले सभी उपायों में पहला उपाय है अनिवार्यता के बिना पिछले 60 वर्षों में शिक्षा का विकास निराशाजनक रूप से धीमा रहा है। दुनिया को यह पता लग गया है कि किसी देश में सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकमात्र उपाय इसे अनिवार्य तथा निःशुल्क बनाना है। यदि इसे निःशुल्क नहीं बनाया गया, तो केवल अनिवार्य बनाये जाने से गरीब तबकों पर निष्ठुरतापूर्वक दबाव डाला जाएगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि केवल उन विद्यार्थियों को, जिनके परिवार की मासिक आय 25 रुपये और इससे अधिक है, शुल्क का भुगतान करना चाहिए, बाकी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा निःशुल्क होनी चाहिए। इसके लिए अपेक्षित कुल व्यय का दो-तिहाई भाग राज्य द्वारा तथा एक-तिहाई भाग स्थानीय निकायों द्वारा वहन किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नमक पर अतिरिक्त 8-आने का अतिरिक्त कर इस आधार पर लगाया जाना चाहिए कि 'हमारे देशवासी कम नमक खाकर काम चलायें ताकि उनके बच्चे अज्ञानता तथा अंधकार में न बड़े हों।

नीचे दो कथन दिए गए है:

कथन I: गोखले का यह मानना था कि भारत की जनता को उनकी दयनीय दशा से मुक्ति के लिए शिक्षा आवश्यक है।

कथन II: प्राथमिक शिक्षा संबंधी विधेयक प्रस्तुत करने में गोखले को बहुत कम विरोध का सामना करना पड़ा।

उपरोक्त कथन के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

1
कथन I और II दोनों सही हैं।
2
कथन I और II दोनों गलत हैं।
3
कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
4
कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।

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