निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
यथास्थिति का आसानी से शोषण होता है। यथास्थिति पूर्वाग्रह का एक कारण है सावधानी का अभाव अनेक लोग वह रवैय्या अपनाते हैं जिसे हम "हां, जो भी हो' अनुभव आश्रित कहते हैं। टेलीविजन कार्यक्रम देखने का अवशिष्ट प्रभाव एक अच्छा उदाहरण है। नेटवर्क कार्यकारी कार्यक्रमों की समय सारणी पर काफी समय लगाते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि जो दर्शक किसी एक नेटवर्क चैनल से रिमोट कंट्रोल इस देश में दशकों से व्याप्त रहे हैं, इस संदर्भ में अपनी शाम की शुरुआत करता है वह वहीं जमा रहता है। चूंकि वास्तव में 'स्विचिंग' के लिए बस एक अंगूठा दबाने मात्र की जरूरत होती है। लेकिन जब एक कार्यक्रम समाप्त होता है और दूसरा आरंभ होता है, तो आश्चर्यजनक रूप से दर्शकों की भारी संख्या अव्यक्त रूप से 'हां, जो भी हो कहती है और देखना जारी रखती है। और कोई पत्रिका विशेष का पाठक भी पत्रिका ग्राहकी के स्वत: नवीकरण का अकेला शिकार नहीं होता है। प्रसार के प्रभारी जानते हैं कि यदि नवीकरण स्वतः होना है और यदि लोगों को इसे रद्द करने के लिए फोन करना पड़ता है तो लोगों द्वारा यह सूचित किए जाने की तुलना में, कि वे वास्तव में पत्रिका लेना जारी रखना चाहते हैं, नवीकरण की संभावना कहीं अधिक है। हानि विमुखता और लापरवाही से चुनने के योग का अर्थ है कि यदि एक मत को 'डिफाल्ट' के रूप में पदनामित किया गया है तो बाजार का एक बड़ा हिस्सा इस ओर आकर्षित होगा। इस तरह से डिफाल्ट विकल्प एक सशक्त टहोके के रूप में कार्य करता है। कई संदर्भों में डिफाल्ट को टहोके की अतिरिक्त शक्ति मिल जाती है क्योंकि सही या गलत, बहुत सारे उपभोक्ता यह महसूस करते हैं कि डिफाल्ट विकल्प को डिफाल्ट निर्धारण करने वाले का, चाहे वह नियोक्ता हो, सरकार अथवा टीवी पर कार्यक्रम तय करने वाला, अनुमोदन निहित है। इस और अन्य कारणों से विद्वानों के लिए सर्वोत्तम संभव डिफाल्ट निर्धारण की गवेषणा करना एक विषय होगा।