निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
कांट के इस दावे को 1980 के दशक में पुनर्जीवित किया गया जिसके अनुसार उदार राज्य अपने अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों में अन्य उदार राज्यों के साथ शांतिपूर्ण होते हैं। एक बहु-उद्धत लेख में माइकल डायल यह तर्क देते हैं कि उदार राज्यों ने एक 'पृथक शान्ति' का सृजन किया है। डायल के अनुसार कांट की विरासत के दो तत्व उदार राज्यों में आत्मसंयम और अनुदार-राज्यों के साथ सम्बन्धों में 'अन्तरराष्ट्रीय निर्लज्जता' हैं। यद्यपि अनुभवजन्य साक्ष्य लोकतांत्रिक शांति अवधारणा का समर्थन करते हुए प्रतीत होते हैं, इस तर्क की सीमाओं पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है। प्रथमतः तो इस सिद्धान्त के नकाट्य होने के लिए, इस अवधारणा में विश्वास करने वालों को इस बात का स्पष्टीकरण देना आवश्यक है कि उदार राज्यों के बीच युद्ध क्यों असम्भव/अविचार्य हो गया है। कांट ने यह तर्क दिया था कि यदि बल-प्रयोग का निर्णय राजकुमार के बजाय जनता द्वारा लिया जाता तो संघर्षों की बारम्बारता बहुत ही कम हो जाती। लेकिन तार्किक रूप से इस तर्क का अर्थ उदार और अनुदार राज्यों के बीच संघर्षों की बारम्बारता निम्नतर होना भी है, लेकिन ऐतिहासिक साक्ष्य इसके विपरीत सिद्ध करते हैं।
लोकतांत्रिक शांति अवधारणा के लिए एक वैकल्पिक स्पष्टीकरण यह भी हो सकता है कि उदार राज्य समृद्ध होते हैं और निर्धनतर अधिनायकवादी राज्यों की तुलना में युद्ध में सम्मिलित होने से उन्हें लाभ कम और हानि ज्यादा होने की सम्भावना होती है। सम्भवतः सर्वाधिक विश्वासोत्पादक स्पष्टीकरण यह सामान्य/सरल तथ्य है कि उदार राज्यों में अन्य उदार राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध रखने की प्रवृत्ति होती है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन I: अनुदार राज्यों से सम्बन्ध रखने के मामले में एक अन्तरराष्ट्रीय बुद्धिमानी अस्तित्वमान हैं।
कथन II: उदार राज्य अन्य उदार राज्यों के साथ शत्रुता बनाए रखने की प्रवृत्ति रखते हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: