निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
वर्ष 1882 में एक विशेष निगमन अधिनियम द्वारा पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी और एक दूसरे विशेष निगमन अधिनियम द्वारा वर्ष 1887 में इलाहाबाद में पाँचवें भारतीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। इन दो विशेष निगमन अधिनियमों का सामान्य दायरा वर्ष 1857 के अधिनियमों के समान ही था हालाँकि पंजाब और इलाहाबाद विश्वविद्यालयों के सीनेटों को "प्रोफेसर और लेक्चररों की नियुक्ति करने या नियुक्ति का प्रावधान करने की शक्ति दी गई" - यह विशेषाधिकार था जिसे निगमन अधिनियमों द्वारा वर्ष 1857 में कलकत्ता, बॉम्बे तथा मद्रास स्थित विश्वविद्यालयों को देने से इनकार कर दिया गया था। इन पहले तीनों विश्वविद्यालयों को जानबूझकर उसी रीति और मॉडल के आधार पर केवल परीक्षा लेने वाला विश्वविद्यालय बनाया गया था जैसे लंदन विश्वविद्यालय केवल परीक्षा लेनेवाला विश्वविद्यालय था। इसके माध्यम से इसमें 1854 के एजूकेशन डिस्पैच के एक महत्वपूर्ण सुझाव को नजरंदाज कर दिया गया था "जिसमें ज्ञान की विभिन्न शाखाओं में व्याख्यान देने के उद्देश्य से प्रोफेसरशिप की संभावित संस्था का रूप देने का सुझाव दिया गया था जिन्हें उन्नत डिग्री स्तर पर किसी भी रूप में प्राप्त करने की सुविधाएँ भारत की अन्य संस्थाओं में मौजूद नहीं थी।" जब लाहौर और इलाहाबाद विश्वविद्यालयों को क्रमशः 1882 और 1887 में ये विशेषाधिकार प्राप्त हो गए तो भारतीयों ने कलकत्ता, बॉम्बे तथा मद्रास विश्वविद्यालयों को भी यह विशेषाधिकार देने का अनुरोध किया था परंतु विश्वविद्यालय से घनिष्ठ रूप से जुड़े यूरोपीय अधिकारियों ने दो आधारों पर इसका विरोध किया था।
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन - ।: इलाहाबाद विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय एक ही समय में स्थापित किए गए थे।
कथन - ॥: बॉम्बे विश्वविद्यालय और मद्रास विश्वविद्यालय एक ही समय में स्थापित किए गए थे।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: