निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
महिलाओं के विरुद्ध हिंसा अनेक रूपों में तथा अनेक स्रोतों से होती रहती है। महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की जो घटनाएँ उनके जन्म संबंधी परिवार अथवा उनके रिश्तेदारों विशेषकर माता-पिता, भाई-बहन अथवा नजदीकी रिश्तेदारों द्वारा घटती हैं उनको उजागर नहीं किया जाता है। नई दिल्ली स्थित गैर-सरकारी संगठन (NGO) शक्ति शालिनी ने हाल में एक सनसनीखेज रिपोर्ट 'अनकही' प्रकाशित की है जिसमें महामारी के दौरान परिवारों से महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में वृद्धि का उल्ल्लेख किया गया है।
सामान्यतः जन्म से जुड़े परिवार से ही महिलाओं को सहायता की आशा रहती है, परन्तु महामारी के दौरान घर पर टिका रहना अनेक महिलाओं के लिए सदैव सुरक्षित महसूस नहीं हुआ। अपने साथी से हिंसा की शिकायत की तुलना में परिवार में किसी नजदीकी रिश्तेदार से ऐसे आरोपों पर जल्दी विश्वास नहीं किया जाता क्योंकि हमारी अवधारणा है की घर के बड़े-बूढ़े तथा निकट संबंधी शारीरिक तथा भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करते हैं। अत: उन पर आरोप लगाना तथा उन्हें बदनाम करना आसान नहीं होता है।
शक्ति शालिनी का अध्ययन उन महिलाओं की सूचना पर आधारित था जो 18 से 27 वर्षों के आयु वर्ग की थीं और उनमें 65% महिलायें 22-27 आयु वर्ग की थीं जो महामारी के दौरान NGO की सहायता की शरण में आयी थीं। इनमें से अधिकाँश महिलायें कामकाजी तथा निम्न मध्य वर्ग की थीं।
महामारी के दौरान मीडिया की रिपोर्ट में वैवाहिक हिंसा की घटनाओं में वृद्धि की खबर तो थी परन्तु जन्म से जुड़े परिवार में अविवाहित महिलाओं को भी इसी प्रकार के अनुभव से गुजरना पड़ा। शक्ति शालिनी की मानद सचिव ने कहा, "जन्म से जुड़े परिवार से हिंसा की घटनाएँ समाज में संरचनात्मक विधि से पैठ बना चुकी है अत: इसके लिए एक संरचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। यद्यपि हमारा समाज परिवार को एक सुसंबद्ध इकाई के रूप में इसकी निष्ठा का दावा करता है पर यहाँ यह स्वीकार करने की आवश्यकता है की परिवार में भी इसके कमजोर सदस्यों, विशेषकर लड़कियों और महिलाओं के लिए दुर्व्यवहार का शिकार होने का वातावरण है"।
उन महिलाओं ने जन्म से जुड़े परिवार से दुर्व्यवहार तथा बलात् व्यवहार के बारे में बताया तथा सबने भावनात्मक दुर्व्यवहार तथा मनोविज्ञानिक सदमों की बातें बताई। इस अध्ययन की 20 में से 15 महिलाओं को शारीरिक तथा वाचिक हिंसा, जिसमें थप्पड़ मारना भी शामिल है, का सामना करना पड़ा। तीन महिलाओं ने शारीरिक दुर्व्यवहार तथा एक ने जबरन विवाह की धमकी की शिकायत की। जहाँ तक उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान की बात है, 60 मामलों में पुरुष तथा महिला, दोनों प्रकार के रिश्तेदार थे।
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन I: शक्ति शालिनी अध्ययन में अधिकांश महिलाएं कामकाजी तथा निम्न मध्य वर्ग की थीं।
कथन II: महिलाएं जन्म से जुड़े परिवार में सुरक्षित हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: