निम्न गद्यांश को पढ़िए व उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
ऐतिहासिक मूल्यों और संस्कृतियों व धर्मों से आप्लावित भावनाओं का देश भारत प्रत्येक मील पर बदलता है परन्तु फिर भी यह अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए विख्यात है। वैश्विक पर्यटन की दिशा में अग्रसर होते हुए पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में जनता के लिए एक ऐसे अनुभव की रचना की जिसने हमारी नदियों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व को प्रदर्शित किया है। जनवरी व फरवरी में वैश्विक पर्यटन व पोत विहार क्षेत्र विश्व के सबसे लंबे पोत विहारी ( क्रूज़) एमवी गंगा विलास के समाचार से गुंजायमान था । इस पोत विहार ने गंगा ब्रह्मपुत्र नदी प्रणालियों के मार्ग से पांच राज्यों व दो देशों की 27 नदी प्रणालियों को पार करते हुए 51 दिनों में लगभग 32,000 कि.मी. की दूरी तय की। उत्तर प्रदेश के हृदय स्थल वाराणसी से आरंभ कर असम के डिब्रुगढ़ तक इसके अनेक ठहराव थे और इसने लगभग 50 स्थानों की यात्रा की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक्ट ईस्ट (पूर्व पर ध्यान देने) की नीति और राष्ट्रीय जलमार्गों को विकसित करने के उनके फोकस ने इस ऐतिहासिक जल यात्रा को यथार्थ बना दिया। स्वदेश में निर्मित पोत, पूर्णतया भारतीय कर्मी दल, भारतीय साज-सज्जा, भारतीय व्यंजन, भारतीय कला, शिल्प व उत्पादों के प्रदर्शन से यह आत्मनिर्भर भारत का सच्चा प्रदर्शन भी था । शून्य उत्सर्जन नीति वाले इस पोत ने डॉल्फिन निवारक युक्ति के साथ भारतीय तेल निगम द्वारा विनिर्मित हरित ईंधन का भी प्रयोग किया।
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन (I) : एमवी गंगा विलास एक पर्यावरण अनुकूल जलपोत है।
कथन (II) : एमवी गंगा विलास स्वदेश में निर्मित जलपोत नहीं है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :