निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और प्रश्न के उत्तर दीजिए:
दस जवान और एक सिविलियन ड्राइवर जो माओवादी विरोधी ऑपरेशन के बाद वैन से लौट रहे थे, 26 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा में एक समुन्नत विस्फोट युक्ति (IED) द्वारा किए गए विस्फोट में मारे गए। यह IED पक्की सड़क के नीचे रखा गया था। धमाका इतना जबरदस्त था कि इससे सड़क पर एक विशाल गड्ढा बन गया।
हालांकि राज्य पुलिस के मुताबिक अभिनिषिद्ध भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) द्वारा किए गए इस हमले की जांच चल रही है, IED के प्रयोग और ऐसे उपकरणों की धर पकड़ से जुड़े बड़े मसलों का सरकार, उद्योग, माओवादियों, और सुरक्षा बलों के स्तरों पर गंभीरतापूर्वक समाधान किया जाना अनिवार्य है, बावजूद सरकारी दावे के, कि माओवादियों का आधार घटा है और हिंसा में कमी आई है।
IED माओवादियों द्वारा प्रयुक्त सबसे घातक उपकरणों में से हैं। यहाँ तक कि माओवादियों की छोटी-सी टुकड़ी IED का इस्तेमाल करके सुरक्षा बलों को भारी क्षति पहुँचा सकती है। अतः पश्चिम सिंहभूम झारखण्ड से संदिग्ध माओवादियों द्वारा 7000 डेटोनेटर्स की चोरी घोर चिंताजनक है।
IED का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा प्रयुक्त तकनीकी उपकरणों की अपनी सीमाएँ है। यदि IED में धातु की मात्रा कम है या IED सकड़ के नीचे गहराई में रखा गया है तो माइन डिटेक्टर भी इसका पता नहीं लगा पाते हैं। हालांकि प्रतिवर्ष सैकड़ों IED का पता लगाया जाता है। और उन्हें निष्क्रिय किया जाता है, खोजी दल तकनीकी कारणों से कुछेक का पता लगाने में सदैव चूक जा सकते हैं। जमीन भेदक राडार, जो मृदा की नीचे की सतह में ताजा हलचलों का पता लगा सकते हैं, भी सफल सिद्ध नहीं हुए हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं।
कथन- I : संदिग्ध माओवादियों द्वारा 700 डेटोनेटर्स की चोरी खतरे का संकेत है।
कथन-II : समुन्नत विस्फोटक युक्तियाँ (IED) का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी में कोई सुधार करने की आवश्यकता नहीं है।
उपरोक्त कथन के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।