नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति दिसंबर 2021 के बाद से प्रथम बार नवम्बर में पिछले माह की 6.77 प्रतिशत से गिर कर 5.88 प्रतिशत हो गई और यह भारतीय रिजर्व बैंक की 6 प्रतिशत की उच्चतम सहनशीलता सीमा से कम है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (CPI) में अक्तूबर में वर्ष - दर वर्ष 4 प्रतिशत संकुचन हुआ जिसमें विनिर्माण क्षेत्र (ऋणात्मक 5.6 प्रतिशत) और उपभोग व निवेश क्रियाकलापों के परोक्षी उपक्षेत्रों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं (ऋणात्मक 15.3 प्रतिशत), गैर टिकाऊ (ऋणात्मक 13.4 प्रतिशत) और पूंजीगत माल (ऋणात्मक 2.3 प्रतिशत) । स्पष्ट रूप से कोविड 19 प्रतिबंधों के हटाए जाने के पश्चात् से उपभोग व्यय को बढ़ाने वाली अवरुद्ध मांग का ज्वार अब उतर गया है। न ही नवीन निवेश चक्र के कोई चिन्ह हैं, सितंबर तक उत्तम प्रदर्शन कर रहा निर्यात क्षेत्र भी वैश्विक मंदी के चलते ऋणात्मक क्षेत्र में प्रवेश कर गया है।
इसके साथ ही संवृद्धि मंदन का साक्ष्य मुद्रास्फीति मंदन की तुलना में अधिक अकाट्य है। नवंबर में अवरोक्त में गिरावट मुख्यतः खाद्य वस्तुओं से जुड़ी थी जिसमें अक्तूबर में 7.01 प्रतिशत से 4.67 प्रतिशत की अत्यधिक गिरावट आई। उसका कारण सब्जियां और फल थे। बुनियादी रूप से मौसमी रुझान को प्रतिबिंबित करते हुए इनमें मुद्रास्फीति ऋणात्मक 8.08 प्रतिशत व ऋणात्मक 2.62 प्रतिशत रिकार्ड की गई: शीत ऋतु में टमाटर से कोल फसलें (उदाहरण के रूप में गोभी, बंद गोभी, ब्रोकोली आदि) और हरे पत्तों वाली सब्जियां बहुतायत में और वहन योग्य होती हैं।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : शीतकाल में खाद्य मुद्रास्फीति सामान्यतया कम रहती है।
कारण (R) : अन्य ऋतुओं की अपेक्षा शीत काल में खाद्य वस्तुओं की मांग कम रहती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें: