नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़िए व प्रश्न का उत्तर दीजिए:
सोशल मीडिया मंच अपने आकार प्रयोक्ताओं के बारे में श्रेष्ठ सूचना के कारण समाचार प्रकाशकों की अपेक्षा अधिक लाभदायक स्थिति में होते हैं। अपने निवेशकों के लिए अधिकतम लाभ उत्पन्न करने की आवश्यकता से चलित, ये मंच वाणिज्यिक करार संबंधी वार्ताओं में इस लाभ का प्रयोग करने में संकोच नहीं करते हैं।
जबकि अनेक देशों में समाचार प्रकाशक अपने सामूहिक हितों को आगे बढाने के लिए कॉन्सॉर्शियम में एकजुट होते हैं, वहीं उनके बीच की प्रतिद्वंदिता उन्हें अपने सामूहिक हितों के लिए एकताबद्ध मोर्चा प्रस्तुत करने से रोकती है। परिणाम स्वरुप, सोशल मीडिया मंचों के साथ अलग-अलग वार्ताओं में यदि उन्हें राजस्व में कुछ हिस्सा मिलता भी है, तो वह सोशल मीडिया मंचो द्वारा अर्जित कुल धनराशि की तुलना में नगण्य होता है।
बहुधा अत्यधिक लघु स्थानीय समाचार प्रकाशकों को इस सीमा तक अनुपातहीन कष्ट उठाना पड़ता है कि विगत कुछ वर्षों में उनमे से कई दिवालिया हो गए हैं। जो बचे रहे हैं वे मात्र अंतर्वस्तु (कंटेंट) रचना करने वाले विक्रेता बनकर रह गए हैं। उनका अस्तित्व सोशल मीडिया दैत्य के भरण के लिए है जो निर्णय करता है कि कौनसा लेख किस पाठक की फीड में जाए ताकि विज्ञापन राजस्व को अधिकतम किया जा सके। नागरिकों को अपने जीवन, समुदायों व सरकारों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय करने के लिए आवश्यक सूचना प्रदान करने के पत्रकारों का उत्तरदायित्व कदापि एक विचार का विषय नहीं बनता हैं।
नीचे दो कथन दिए गए है
कथन I: समाचार प्रकाशकों के बीच प्रतिद्वंदिता होती है।
कथन II: अनेक सोशल मीडिया मंच दिवालिया हो गए हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए: