इस गद्यांश को पढ़िए और नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
मानव की कोई गतिविधि ऐसी नहीं है जिसका पर्यावरण पर कोई प्रभाव न पड़ता हो। सदियों से समाज को कई प्रकार की पर्यावरणीय क्षति झेलनी पड़ी है जिसमें अग्नि जलाने के प्राचीन, अनियंत्रित तरीकों से उत्पन्न हुए वायु प्रदूषण की भूमिका कोई कम नहीं है। रोमन ब्रिटेनवासियों, जिनकी झोपड़ियों में आग जाने का प्रावधान था, ने पाया कि धुआं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और मानव कपालों का परीक्षण करने पर गड्ढा पाया गया जो कोटरशोथ (साइनसाइटिस) की उच्च बारंबारता का प्रतीक है। यूनाइटेड किंगडम पहला देश था जहाँ बड़े पैमाने पर कोयला आधारित औद्योगिक विकास हुआ था। 1580 से 1680 के बीच लंदन को कोयले का आयात 20,000 टन से बढ़कर 360,000 टन प्रति प्रतिवर्ष हो गया और लंदन बदबूदार कोहरे का शहर बन गया। ठण्डे तापमान एवं नम वायु के कारण कोयला दहन से वायु में मौजूद कणों पर नमी के संघनन से दिसम्बर 1952 की घटना के पश्चात ही हुये। 20 मील अर्द्धव्यास के दायरे पर कोहरे के कारण वातावरण अपारदर्शी हो गया और पाया गया कि 13 दिसम्बर 1952 को समाप्त सप्ताह में मौतों की साधारण साप्ताहिक संख्या में 2851 मौतों की बढ़ोतरी हुई। इसके जवाब में, 1956 और 1968 के स्वच्छ वायु अधिनियमों में मुख्यतौर पर शहरों के धुएं पर कार्रवाई की गई। धुंध आपदा के दो दशकों बाद पर्यावरण नियंत्रण अधिनियम (1974) लाया गया और समग्र पर्यावरणीय सुरक्षा के अंग में वायु गुणवत्ता में व्यापक सुधारों की दिशा में व्यवस्थित रूप से बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। 20वीं सदी के दौरान, यूरोप और उत्तर अमरीका में इसी तरह के अनुभव हुए।
प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम
A. स्वच्छ वायु अधिनियम, 1956 के लगभग 10 वर्षो बाद लाया गया था।
B. के चलते समस्त औद्योगिक गतिविधियाँ रोक दी गई।
C. का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार करना था।
D. मुख्यतः शहरों में व्याप्त धुएं से निपटने पर केन्द्रित था।
E. पर्यावरण सुरक्षा पर केन्द्रित था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: