Comprehension Passage

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

पशु एक-दूसरे से अनेक रोचक तरीकों से सम्प्रेषण करते हैं। इनमें संकेत, भाव-भंगिमाएं रूप-रंग, आवाज, शरीर से उत्पन्न किए गए गंध या प्रकाश भी शामिल हैं। गीत और नृत्य सम्प्रेषण के अन्य साधन हैं। जब पशु संकट में फंस जाते हैं तो वे दूसरे पशुओं को घुड़की, मुख विकृति या आवाज जैसे संकेत देकर चेतावनी देते हैं। वे अपने जीवन साथी को भी आवाज देते है, समूह के अन्य सदस्यों को भोजन के स्रोत के बारे में सूचित करते हैं, भू-भाग के बारे में बताते हैं और अपने बच्चों को संसार में जीने के तरीके 'सिखाते' हैं। पक्षियों के चूजे अपने माता-पिता को सहायता के लिए बुलाते हैं, उनका ध्यान अपनी ओर खींचते हैं और भोजन माँगते हैं।

महासागर शान्त संसार न होकर शोरगुल वाले स्थान होते हैं। मछलियां, कवचधारी जीव, समुद्री शेर, वालरस, ह्वेल और डॉल्फिन पानी में तरह-तरह की आवाज निकालते हैं, जैसे- सीटी बजाना, चीं-चीं करना, टिकटिक और कराहना जिनका दायरा धीमे स्वर से लोकर पराश्रव्य ध्वनि तक है जो मनुष्य के सुनने की सीमा से परे है। जिस प्रकार पक्षीगण आसमान के संगीतकार हैं, उसी प्रकार ह्वेल और डॉल्फिन को कभी-कभी "समुद्र के संगीतकार " कहा जाता है।

पशु ध्वनि का प्रयोग किस उद्देश्य के लिए करते हैं?

(A) भू-भाग के बारे में अन्य पशुओं को जानकारी देने के लिए

(B) खतरों की चेतावनी देने के लिए

(C) अपने जीवन साथी को बुलाने के लिए

(D) अपने शत्रुओं को आमंत्रित करने के लिए

(E) दूसरों को भोजन के स्रोत के बारे में सूचित करने के लिए

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

1
केवल (B), (C) और (D)
2
केवल (A), (B) और (C)
3
केवल (A), (B), (C) और (E) 
4
केवल (C), (D) और (E)

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation