निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
न्यूयॉर्क शहर के अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन की संज्ञानात्मक वैज्ञानिक हेलेना ब्लूमन के अनुसार, नृत्य में आवश्यक जटिल मानसिक मल्टीटास्किंग मस्तिष्क के विभिन्न भागों को एक ही समय में सक्रिय करती है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में स्नायुवीय संयोजनों को मजबूती मिलती है। मुख्यतया, नृत्य में सामान्य पुनरावृत्तिक अभ्यासों की बजाए अधिक दिमागी शक्ति की आवश्यकता है।
किसी पसंदीदा गाने पर थिरकने की अदम्य इच्छा को महसूस करने वाला कोई भी इंसान जानता है कि संगीत और गति का संयोजन आपकी मनोदशा बदल सकता है तथा तनाव दूर कर सकता है। जब आप साधारण कोरियोग्राफी का पालन करने की कोशिश करते हैं तो आपके दिमाग में बहुत कुछ घटित होता है।
नृत्य में हमे मुद्राएँ सीखनी पड़ती हैं, सममित और असममित रूप से सोचना होता पड़ता है; हमें अनुक्रमों को याद करना होता है। यह प्रभाव नृत्य कक्षा के अलावा वास्तविक जगत में भी विस्तारित होता है। यहां तक कि रसोईघर तक जाना और बस स्टॉप तक चलना जैसे कार्य भी कोरियोग्राफी को समझने पर अधिक आसानी से किए जा सकते हैं।