| A. एरिक्सन का मनोसामाजिक वृद्धावस्था सिद्धांत | I. यह सुझाव देता है कि जीवन में पहले से ही सुसंगत दिनचर्या और भूमिकाओं को बनाए रखने से सफल वृद्धावस्था में योगदान होता है। |
| B. क्रियाशीलता सिद्धांत | II. मनोसामाजिक विकास के चरणों पर केंद्रित है, जिसमें वृद्धावस्था में अखंडता बनाम निराशा को प्राप्त करना शामिल है। |
| C. विलगन सिद्धांत | III. दावा करता है कि सामाजिक भूमिकाओं और गतिविधियों से वापसी अपरिहार्य है और समाज द्वारा आवश्यक है। |
| D. निरंतरता सिद्धांत | IV. यह दावा करता है कि विभिन्न गतिविधियों में लगे रहने से वृद्ध वयस्कों को सकारात्मक आत्म-अवधारणा बनाए रखने में मदद मिलती है। |
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A-I, B-II, C-III, D-IV
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A-III, B-II, C-I, D-IV
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A-II, B-IV, C-III, D-I
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A-IV, B-III, C-II, D-I