भगवद् गीता में, कृष्ण "निष्काम कर्म" की अवधारणा को परिभाषित करते हैं। निष्काम कर्म मुख्य रूप से किस पर बल देता है?
1
फल की आशा के साथ कर्म करना
2
परिणामों से व्यक्तिगत लगाव बनाए रखते हुए कर्म करना
3
शारीरिक श्रम के सभी रूपों से बचना
4
धर्मी कार्यों के माध्यम से धन का संचय करना