जिनके अनुसार “एक लोकतांत्रिक विकासशील देश अच्छी तरह से शासित होता है यदि उसकी सरकार एक साथ वैधता बनाए रख सकती है, सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकती है और बिना किसी दबाव के व्यवस्था बनाए रख सकती है। भारत में इन कार्यों को करने में बढ़ती अक्षमता को शासन क्षमता के संकट की अभिव्यक्ति के रूप में देखा गया है।''
1
प्रताप भानु मेहता
2
प्रणब बर्धन
3
अतुल कोहली
4
आशीष नंदी