सीमांकन आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन-I: सर्वोच्च न्यायालय ने किशोरचंद्र छंगनलाल राठौड़ मामले (2024) में यह माना कि यदि सीमांकन आयोग के आदेश स्पष्ट रूप से मनमाने हैं, तो संवैधानिक न्यायालय उनकी समीक्षा कर सकते हैं।
कथन-II: इसके आदेश लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के समक्ष रखे जाते हैं, लेकिन कोई संशोधन की अनुमति नहीं है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?1
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।
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कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
3
कथन-I सही है, लेकिन कथन-II गलत है।
4
कथन-I गलत है, लेकिन कथन-II सही है।