भारतीय पुनर्जागरण के प्रमुख व्यक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
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राजा राम मोहन राय को अक्सर "भारतीय पुनर्जागरण के पिता" के रूप में जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सुधार और सती प्रथा के उन्मूलन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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स्वामी विवेकानंद ने समकालीन समाज में वेदांत और योग के महत्व पर जोर दिया, भारतीय आध्यात्मिक दर्शन को पश्चिमी विचारों, जैसे व्यक्तिवाद और आत्म-साक्षात्कार से जोड़ा।
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महात्मा गांधी के अहिंसा के दर्शन पर रवींद्रनाथ टैगोर के लेखन का महत्वपूर्ण प्रभाव था, जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रतिरोध और स्वशासन की वकालत की थी।
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सत्यशोधक समाज स्थापना ज्योतिराव फुले ने की थी, इसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव को समाप्त करना और सभी व्यक्तियों के बीच समानता को बढ़ावा देना था, जो पुनर्जागरण के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन था।
उपरोक्त कौन से कथन सही हैं?