मध्ययुगीन भारतीय इतिहास के स्रोतों के रूप में शिलालेखों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- शिलालेख मध्ययुगीन भारतीय इतिहास के सबसे प्रामाणिक और प्राथमिक स्रोतों में से एक हैं, जो राजनीतिक घटनाओं, विजयों और अनुदानों के प्रमाण प्रदान करते हैं।
- दिल्ली का लौह स्तंभ शिलालेख गुप्त वंश के चंद्रगुप्त द्वितीय से संबंधित है, और यह उनकी सैन्य विजयों का जश्न मनाता है।
- अभिलेखशास्त्र प्राचीन और मध्ययुगीन शिलालेखों के डिक्रिप्टिंग और विश्लेषण पर केंद्रित है, जो अक्सर पत्थर या धातु पर उत्कीर्ण होते हैं।
- हाथीगुंफा शिलालेख समुद्रगुप्त की विजयों और शासनकाल को समझने का एक प्रमुख स्रोत है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
1
1, 2 और 3
2
1 और 4
3
2 और 4
4
1 और 3