अभिकथन (A): मौखिक समझौते भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 के तहत प्रवर्तनीय नहीं हैं।
कारण (R): भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 के अनुसार सभी समझौते लिखित रूप में होने चाहिए।
1
A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A का सही स्पष्टीकरण है।
2
A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
3
A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
4
A झूठ है, और R झूठ है