चयनात्मक ऋण नियंत्रण के अंतर्गत "ऋण की राशनिंग" पद्धति वाणिज्यिक बैंकों पर किस प्रकार प्रभाव डालती है?
1
रेपो दर में वृद्धि करके
2
ऋण और अग्रिम के लिए परिवर्तनीय पोर्टफोलियो सीमा निर्धारित करके
3
सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदकर
4
नकद आरक्षित अनुपात में वृद्धि करके
5
रिवर्स रेपो दर को समायोजित करके