एक कंपनी कई वर्षों से एक उत्पाद का उत्पादन कर रही है और उसने अनुसंधान, विकास और प्रारंभिक विपणन में भारी निवेश किया है। समय के साथ, कंपनी की स्थिर लागतें बड़ी मात्रा में उत्पादन पर फैल गई हैं। परिणामस्वरूप, कंपनी की प्रति-इकाई लागत में कमी आई है, जिससे वह लाभप्रदता बनाए रखते हुए प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण की पेशकश कर सकती है। हालाँकि, जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा तेज होती है और बाजार संतृप्त होता जाता है, कंपनी को उत्पाद की गुणवत्ता में कमी लाए बिना प्रति-इकाई लागत को और कम करना मुश्किल होता जा रहा है।
निम्नलिखित में से कौन सी लागत-संबंधित अवधारणा कंपनी के सामने आ रही स्थिति का सबसे अच्छा वर्णन करती है?
1
पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ (Economies of Scale)
2
पैमाने की विपरीत अर्थव्यवस्थाएँ (Diseconomies of Scale)
3
सीमांत लागत मूल्य निर्धारण (Marginal Cost Pricing)
4
चर लागत योगदान (Variable Cost Contribution)
5
अवसर लागत (Opportunity Cost)