निर्देश: नीचे दिए गए प्रश्न में एक गद्यांश है, उसके बाद तीन तर्क I, II और III हैं। आपको यह तय करना होगा कि कौन सा/से तर्क 'मजबूत' हैं और कौन से तर्क 'कमजोर' तर्क हैं और तदनुसार प्रत्येक प्रश्न के नीचे दिए गए विकल्पों में से अपना उत्तर चुनिए।
गद्यांश: भारत में एक स्वतंत्र राजकोषीय परिषद की स्थापना के लिए कई बार जरुरत महसूस हुई है। एक राजकोषीय परिषद एक स्वतंत्र राजकोषीय संस्थान (आईएफआई) है जो स्थिर और स्थायी सार्वजनिक वित्त को बढ़ावा देने के लिए एक जनादेश है। ये संस्थाएँ एक उद्देश्यपूर्ण और वैज्ञानिक विश्लेषण करते हुए स्थायी राजकोषीय नीति को ठीक करने में सहायता करती हैं जबकि अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाती हैं।
क्या भारत में एक स्वतंत्र राजकोषीय परिषद की स्थापना आवश्यक है?
तर्क:
I. हाँ। पिछले वर्षों में राजकोषीय घाटे के आंकड़ों ने लगातार एफआरबीएम लक्ष्यों में ढील दी है और मौजूदा आर्थिक संकट केवल घाटे को बढ़ाएगा।
II. नहीं। यह राजकोषीय निर्णय लेने के लिए एक निर्वाचित सरकार की शक्तियों को कम करेगा।
III. हाँ। यह देखा गया है कि कर अधिकारी अवास्तविक कर लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अवैध धमकाने के तरीकों का सहारा ले रहे हैं।