Comprehension Passage
निर्देश : निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
ले चल नाविक मँझधार मुझे, दे दे बस अब पतवार मुझे,
इन लहरों के टकराने पर आता रह-रहकर प्यार मुझे।
मत रोक मुझे, भयभीत न कर, मैं सदा कँटीली राह चला,
मेरे पथ के पतझारों में ही नव-नूतन मधुमास पला।
मैं हूँ अबाध, अविराम, अथक, बंधन मुझको स्वीकार नहीं,
मैं नहीं, अरे, ऐसा राही जो बेबस सा मन मार चला।
दोनों ही ओर निमंत्रण है - इस पार मुझे, उस पार मुझे।
रंगीन विजय-सी लगती है, संघर्षों में हर हार मुझे।।
विप्लवों का सागर भी कवि को पराजित क्यों नहीं कर सकता ?
1
वह सदैव संघर्ष करता है, कभी हार नहीं मानता
2
उसे बंधन स्वीकार हैं
3
उसे लहरों के टकराने पर क्रोध आता है
4
वह मनमानी करना चाहता है