निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
दुनिया से अच्छा ग्रहण करने का अधिकार सभी देशों को है, भारत के ज्ञान-विज्ञान- चिंतन से बहुत-सी चीज़ें दुनिया ने ली हैं। दूसरी बात यह है कि संसार में जहाँ भी ज्ञान-विज्ञान-विचार जन्म लेते हैं उनमें अन्य देशों की भी ज्ञात-अज्ञात भूमिका होती है और यह आदान-प्रदान का सिलसिला न जाने कब से चल रहा है। आज भी पश्चिम में हो रहे नवीनतम अन्वेषणों में विभिन्न देशों की मेधा, प्रतिभा, श्रम, कौशल, धन, आदि लगे हैं। उदाहरण के लिए भारत की अनेक प्रतिभाएँ अर्से से अमेरिका और अन्य देशों में उच्चस्तरीय अन्वेषण और संगणक के क्षेत्र में सॉफ्टवेयर निर्माण में लगी हैं, क्या यह प्रकारांतर से भारतीय अवदान नहीं है ? उन्नत देशों की वस्तुएँ ऊँचे मूल्य पर खरीद कर अनेक छोटे देश उच्चतर अनुसंधान में परोक्ष आर्थिक योगदान देते हैं। इसलिए किसी भी उपलब्धि को किसी भूगोल में सीमित नहीं किया जा सकता। यह दूसरी बात है कि हमें अपनी 'आत्मनिर्भरता' लगातार बढ़ानी होगी और अपनी प्रतिभाओं को निरंतर 'प्रोत्साहित' करना होगा। आयातित प्रदूषण से बचने और अपने सांस्कृतिक उन्नयन के लिए यह अनिवार्य है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन I : संसार में जहाँ भी ज्ञान-विज्ञान-विचार जन्म लेते हैं उनमें अन्य देशों की भी ज्ञात-अज्ञात भूमिका होती है।
कथन II : 'आत्मनिर्भरता' और 'प्रोत्साहन' आयातित प्रदूषण से बचने और अपने सांस्कृतिक उन्नयन के लिए अनिवार्य नहीं है।
उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :