सच्चा समाजवाद तो हमें अपने पूर्वजों से प्राप्त हुआ हैं, जो हमें यह सिखा गए हैं कि 'सब भूमि_______ (1) की है; इसमें कहीं मेरी और तेरी की सीमाएँ नहीं हैं। ये सीमाएँ तो आदमियों ने बनाई हैं और इसलिए वे इन्हें तोड़ भी सकते हैं। गोपाल यानी कृष्ण यानी भगवान। आधुनिक भाषा में गोपाल यानी राज्य यानी जनता। आज जमीन जनता की नहीं है, यह बात सही है। पर इसमें दोष उस शिक्षा का नहीं है। दोष तो हमारा है जिन्होंने उस शिक्षा के अनुसार_______ (2) नहीं किया। मुझे इसमें कोई संदेश नहीं कि इस आदर्श की जिस हद तक रूस या और कोई देश पहुँच सकता है उसी हद तक हम भी पहुँच सकते हैं, और वह भी _______ (3) का आश्रय लिए बिना। पूँजीवालों से उनकी _______ (4) हिंसापूर्वक छीनी जाए, इसके बजाय यदि चरखा और उसके सारे फलितार्थ स्वीकार कर लिए जाएँ तो वही काम हो सकता है। चरखा हिंसक अपहरण की जगह ले सकने वाला अत्यंत प्रभावकारी साधन है। जमीन और दूसरी सारी संपत्ति उसकी है, जो उसके लिए काम करे। दु:ख इस बात का है कि किसान और मजदूर या तो इस _______ (5) सत्य को जानते नहीं हैं, या यों कहो कि उन्हें इसे जानने नहीं दिया गया है।