Comprehension Passage
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर 1 से 5 प्रश्नों के उत्तर उपयुक्त विकल्पों के द्वारा दीजिए:
संस्कृत भाषा में भारत की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित है और इसलिए उस पर ध्यान देना स्वाभाविक है और उसकी उपेक्षा उसे उस विरासत से विलग कर देती है। शाब्दिक रूप से ‘संस्कृत’ का अर्थ है तैयार, शुद्ध, परिष्कृत, श्रेष्ठ आदि। इसे ‘देववाणी’ भी कहा जाता है। ऐसा कह कर कई लोग अज्ञानवश इसे सिर्फ पूजा-पाठ, कर्मकांड से जुड़ा मान बैठते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि संस्कृत वाङमय हजारों वर्षों पुरानी भारतीय सभ्यता का एक सजीव और मूर्त रूप है। यह भाषा किसी न किसी रूप में केरल से चल कर कश्मीर और कामरूप से चल कर सौराष्ट्र तक सभी क्षेत्रों के लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण और पावन क्षणों में उपस्थित रहती है। यह अंदर से बिना प्रकट हुए सबको बांधने का काम करती है। यह सबकी एक साझी विरासत है और इस अर्थ में अत्यंत व्यापक है कि यह स्थानीयता के आग्रह से पार जाती है। इसमें इतिहास का पश्चिमी मोह नहीं है और देश काल का अतिक्रमण कर सबका समावेश कर पाने की क्षमता विद्यमान है। इसके सरोकार व्यापक हैं और यह साहित्य, पर्यावरण, शिक्षा, ज्ञान और मानव गरिमा की रक्षा करने के लिए तत्पर है। इसी को ध्यान में रख कर भारत की शिक्षा नीति जो 1968 में और फिर 1986 में प्रस्तुत की गई थी उसमें स्पष्ट रूप से संस्कृत के अध्ययन का महत्व को स्वीकार किया गया था।‘कामरूप से चल कर सौराष्ट्र तक’ इसमें कामरूप क्या है?
1
पूर्व का स्थान
2
कामदेव
3
असम का एक जिला
4
इनमें से कोई नहीं