Comprehension Passage
निर्देश:- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए 1 से 5 प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
हजारों वर्षों से लोगों ने अलौकिक घटनाओं का पर्यवेक्षण किया है, उनके संबंध में विशेष रूप से चिंतन किया है और फिर उनमें से कुछ साधारण तत्त्व निकाले हैं; यहाँ तक कि मनुष्य की धर्म-प्रवृत्ति की आधारभूमि पर भी विशेष रूप से, अत्यंत सूक्ष्मता के साथ विचार किया गया है। इन समस्त चिंतन और विचारों का फल यह राजयोग-विद्या है। यह राजयोग आजकल के अधिकांश वैज्ञानिकों की अक्षम्य धारा का अवलंबन नहीं करता, वह उनकी भाँति उन घटनाओं के अस्तित्व को एकदम उड़ा नहीं देता, जिनकी व्याख्या दुरूह हो, प्रत्युत वह तो धीर भाव से, पर स्पष्ट शब्दों में, अंधविश्वास से भरे व्यक्ति को बता देता है कि यद्यपि अलौकिक घटनाएँ, प्रार्थनाओं की पूर्ति और विश्वास की शक्ति, ये सब सत्य हैं तथापि इनका स्पष्टीकरण ऐसी कुसंस्कार भरी व्याख्या द्वारा नहीं हो सकता कि ये सब व्यापार बादलों के ऊपर अव्यस्थित किसी व्यक्ति या कुछ व्यक्तियों द्वारा संपन्न होते हैं।दिए गए विकल्पों में से कुसंस्कार शब्द में कौन – सा उपसर्ग प्रयुक्त हुआ है -
1
सम
2
कार
3
कुस
4
कु