जटा कटाहसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी । विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ॥
धगद्धगद्धगज्ज्वल ल्ललाटपट्टपावके । किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥
प्रस्तुत ओळींमधील वृत्त ओळखा.
1
शिखरिणी
2
सुमंदारमाला
3
पञ्चचामर
4
वसंततिलका
जटा कटाहसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी । विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ॥
धगद्धगद्धगज्ज्वल ल्ललाटपट्टपावके । किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥
प्रस्तुत ओळींमधील वृत्त ओळखा.