वीभत्स रस किस पंक्ति में है?
1
पिल्ला लीन्ही गोद में मोटर भई सवार।
अली भली घूमन चली किये समाज सुधार।।
अली भली घूमन चली किये समाज सुधार।।
2
लाल छितिपाल छत्रसाल महाबाहु बली,
कहाँ लौं बखान करों तेरी कलवार कों।
कहाँ लौं बखान करों तेरी कलवार कों।
3
धूम समूह निरखि-चातक ज्यौं, तृषित जानि मति धन की।
नहिं तहं सीतलता न बारि, पुनि हानि होति लोचन की।।
नहिं तहं सीतलता न बारि, पुनि हानि होति लोचन की।।
4
जहँ-तहँ मज्जा मॉस, रूचिर लखि परत बयारे।
जित-जित छिटके हाड़, सेत कहुँ-कहुँ रतनारे।।
जित-जित छिटके हाड़, सेत कहुँ-कहुँ रतनारे।।
5
तदनन्तर बैठी सभा उटज के आगे,
नीले वितान के तले दीप बहु जागे
नीले वितान के तले दीप बहु जागे