Comprehension Passage
निर्देशः इस पद्य को ध्यान से पढ़ें और नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर देंः
पिताजी जिनको बुढ़ापा
एक क्षण को भी नहीं व्यापा
जो अभी भी दौड़ जाएँ,
जो अभी भी खिलखिलाएं
मौत के आगे न हिचकें
शेर के आगे न बिचकें
बोल में बादल गरजता।
काम में झंझा लरजता।
पिता जी की बोली की क्या विशेषता है?
1
पिता जी की बोली बादल की सर्जना जैसे है।
2
पिता जी की बोली बादल की तर्जना जैसे है।
3
पिता जी की बोली बादल की गर्जना जैसे है।
4
पिता जी की बोली शेर की गर्जना जैसे है।