Comprehension Passage
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिये –
मनुष्यों द्वारा बनाई हुई ऐसी कोई भी संस्था नहीं हो सकती है जिसके दुरुपयोग होने की संभावना न हो। संस्था जितनी अधिक बड़ी होगी, उसके दुरुपयोग होने की संभावनाएँ भी उतनी ही अधिक होंगी। इसलिए हम कह सकते हैं कि लोकतंत्र एक बड़ी संस्था है और ऐसे में इसका दुरुपयोग न हो, ऐसा संभव नहीं है। लेकिन उसका इलाज लोकतंत्र से बचना नहीं, बल्कि दुरुपयोग की संभावना को कम-से-कम करना है। जनता की राय के अनुसार चलने वाला राज्य जनमत से आगे बढ़कर कोई काम नहीं कर सकता। यदि वह जनमत के खिलाफ जाए तो नष्ट हो जाए। अनुशासन और विवेकयुक्त जनतंत्र दुनिया की सबसे सुंदर वस्तु है और लोकतंत्र प्रगति का सबसे बेहतर माध्यम है। लेकिन राग-द्वेष, अज्ञान और अंध-विश्वास आदि दुर्गुणों से ग्रस्त जनतंत्र अराजकता के गड्ढे में गिरता है और अपना नाश खुद कर लेता है। मैंने अक्सर यह कहा है कि अमुक विचार रखने वाला कोई भी पक्ष यह दावा नहीं कर सकता है। हम सबसे भूलें होती हैं और हमें अक्सर अपने निर्णयों में परिवर्तन करने पड़ते हैं। हमारे जैसे विशाल देश में ईमानदारी से विचार करने वाले सभी पक्षों का स्थान होना चाहिए। इसलिए हमारा अपने प्रति और दूसरों के प्रति कम-से-कम यह कर्त्तव्य तो है ही कि हम प्रतिपक्षी का दृष्टिकोण समझने की कोशिक करें और यदि हम उसे स्वीकार न कर सकें तो भी जिस तरह हम यह चाहेंगे कि वह हमारे मत का आदर करे, उसी तरह हम भी उसके मत का आदर करें। यह चीज स्वस्थ सार्वजनिक जीवन की और स्वराज्य की योग्यता की अनिवार्य कसौटियों में से एक है। यदि हममें उदारता और सहिष्णुता नहीं है, तो हम अपने भेद कभी मित्रतापूर्वक नहीं सुलझा सकेंगे और फल यह होगा कि हमें तीसरे पक्ष को अपना पंच मानना पड़ेगा, यानी विदेशी अधीनता स्वीकार करनी पड़ेगी।लोकतंत्र में दुनिया की सबसे सुंदर वस्तु क्या है?
1
पूंजीवादी व्यवस्था
2
ज्ञान और विश्वा
3
धर्म की स्वतंत्रता
4
अनुशासन और विवेकयुक्त जनतंत्र