निर्देश: दिए गये गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए |
आधुनिक काल में शब्द समूह में भी विशेष परिवर्तन हुए हैं और होते जा रहे हैं | इधर अंग्रेजी शब्द बहुत अधिक आए हैं और वे हमारी भाषा के अंग बन गये हैं | 1900 के बाद, छायावादी धारा में तत्सम शब्दों का प्रयोग बहुत बढ़ गया है | इसका कारण सांस्कृतिक उत्थान, ब्रह्म समाज, आर्य समाज तथा बंगला प्रभाव आदि था | आगे चलकर इसका परिणाम यह हुआ की गद्य का शब्द भण्डार भी संस्कृतनिष्ठ हो गया | प्रगतिवादी आंदोलन ने 1936 के बाद हमारी धारा गाँवों की ओर मोड़ी और उसके परिणामस्वरूप आंचलिक शब्द और मुहावरे साहित्यिक खडी बोली के अंग बनने लगे | इधर भारत की आजादी के बाद हमें पारिभाषिक शब्दों की विशेष आवश्यकता हुई है, अतः अनेक अंतर्राष्ट्रीय शब्द अपनाए जा रहे हैं, नये शब्द बनाये जा रहे हैं, तथा भारत की अन्य भाषाओँ से भी शब्द ग्रहण किये जा रहे हैं | इस प्रकार हमारा शब्द समूह बहुत विकसित होता जा रहा है | अब तक हमारी भाषा पत्र व्यवहार, समाचार पत्र एवं साहित्य की भाषा थी, अब उसे विज्ञान, वाणिज्य, विधि आदि का भी माध्यम बनना है | अतः स्वभावतः उसकी अभिव्यंजना शक्ति में सर्वोन्मुखी विकास हो रहा है और वह दिनों-दिन सभी दृष्टियों से समर्थ एवं सम्पन्न होती जा रही है |