यहीं इसी देवदार के नीचे उसे भी यही लगा था, जब गिरीश ने पूछा था, 'तुम चुप क्यों हो?' वह आँखें मूँदे सोच रही थी—सोच कहाँ रही थी, जी रही थी, उस क्षण को जो भय और विस्मय के बीच भिंचा था—बहका-सा पागल क्षण! कथन किस कहानी का है?
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परिंदे
2
मिस पाल
3
अभिशप्त
4
ठाकुर का कुआँ