एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रश्नों के सही विकल्प चुने।
प्रगति के पथ पर मानव बहुत दूर चला आया है। जीवन के हर क्षेत्र में कई ऐसे मुकाम प्राप्त हो गये हैं जो हमें जीवन की सभी सुविधाएँ, सभी आराम प्रदान करते हैं। आज संसार मानव की मुट्ठी में समाया हुआ है। जीवन के क्षेत्रों में सबसे अधिक क्रांतिकारी कदम संचार क्षेत्र में उठाए गए हैं। अनेक नए स्रोत, नए साधन और नई सुविधाएँ प्राप्त कर ली गई हैं जो हमें आधुनिकता के दौर में काफी ऊपर ले जाकर खड़ा करता है। इसकी शुरूआत 969 में एडवान्स्ड रिसर्च प्रोजेक्टस एजेंसिज द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के चार विश्वविद्यालयों के कम्प्यूटरों की नेटवर्किंग करके की गई थी। इसका विकास मुख्य रूप से शिक्षा, शोध एवं सरकारी संस्थाओं के लिए किया गया था। इसके पीछे मुख्य उदेश्य था संचार माध्यमों को वैसी आपात स्थिति में भी बनाए रखना जब सारे माध्यम निष्फल हो जाएँ। 1970 तक इस कम्पनी ने लगभग दो दर्जन कम्प्यूटरों को इस नेट से जोड़ दिया था। 1972 में शुरूआत हुई ई-मेल की जिसने संचार जगत में क्रांति ला दी। 1996 तक इंटरनेट की लोकप्रियता काफी बढ़ गयी थी। मोन्ट्रीयल के पीटर ड्यूस ने पहली बार 1989 में मैक्-गिल यूनिवर्सिटी में इंटरनेट इंडेक्स बनाने का प्रयोग किया। वर्ष 2000 में इंटरनेट इतनी बढ़ गई कि इसमें वायरस जैसी कई तरह की समस्याएँ भी आने लगीं। भारत भी अपनी भागीदारी इन उपलब्धियों में जोडता रहा। आज भारत में इंटरनेट कनेक्शनों और प्रयोगकर्ताओं की संख्या लाखों में है। ऐसे ही संचार साधनों में आज एक बड़ा ही सहज नाम इंटरनेट है।